उत्तराखंड की आवाज़ देहरादून
भाजपा की दोहरी मानसिकता
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कल भाजपा के कुछ बड़े नेता हरिद्वार बहदराबाद के एक गाँव में जहाँ 13 साल की दलित समाज की बच्ची के गैंगरेप करने के बाद उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई उस पीड़ित परिवार से मिलने के लिए बीजेपी के बड़े नेता उसके घर गए और वहाँ जाकर उसकी माँ को मात्र चार लाख रुपए का चेक देते हुए दिखाई दे रहे हैं।
सूत्रों का कहना हैं कि जब अंकिता भण्डारी की हत्या हुईं थीं तो उसके घर 25 लाख रुपए चेक लेकर गए थे बीजेपी के नेता क्योंकि वह एक पहाड़ की थी और ये प्लेन में रहने वाले जिला हरिद्वार के एक दलित समाज की बेटी हैं इसलिए ये इसको 4 लाख रुपए का चेक दे रहे हैं
बीजेपी के बड़े नेता पीड़ित परिवार की चार लाख रुपए का चेक देते हुए

दलितों के लिए बीजेपी की दोहरी मानसिकता दिखाई दे रही हैं
यह भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता है जो पीड़ित परिवार से मिलने के लिए₹400000 का चेक लेकर गए थे, भारतीय जनता पार्टी कि यह दोहरी मानसिकता है जब पहाड़ की बेटी अंकित भंडारी का मर्डर होता है तो 25 लख रुपए का चेक लेकर जाते हैं और दलित की बेटी का मर्डर होता है तो 4 लाख का चेक लेकर जाते हैं, भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की दोहरी मानसिकता क्यों, क्या दोनों लड़कियों की हत्या में कोई अंतर है, क्योंकि अंकित भंडारी स्वर्ण जाति से आती हैं, इसलिए 25 लाख का मुआवजा मिलता है,
जबकि शान्तार शाह, मैं हत्या,एक गरीब परिवार की लड़की की होती है, यह भाजपा की दोहरी मानसिकता है और भाजपा का कोई भी दलित नेता इस बारे में बात नहीं करेगा
