अल्ट्रा-साउण्ड सेन्टर के संबंध में घटना की जांच के लिए दोनों पक्षों से एसडीएम न्यायिक ने मांगे साक्ष्य**
उत्तराखंड की आवाज़ न्यूज पोर्टल देहरादून
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गोण्डा। जिले के तहसील कर्नलगंज क्षेत्र अन्तर्गत सीएचसी कटरा बाजार के निकट संचालित एक अल्ट्रा-साउण्ड सेन्टर के सम्बन्ध में दोनों पक्ष (जाँच हेतु गई टीम) एवं कार्य बाधित करने में संलिप्त तीनों व्यक्तियों को आगामी 14 अगस्त तक उपजिलाधिकारी,न्यायिक कर्नलगंज के न्यायालय में प्रातः दस बजे से सांय पांच बजे तक बयान/साक्ष्य उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने को निर्देशित किया गया है।
मामले में उप जिलाधिकारी न्यायिक करनैलगंज ने सर्व साधारण को सूचित किया है कि विगत 13 जुलाई को तहसील करनैलगंज स्थित सीएचसी कटरा बाजार के सामने संचालित अल्ट्रा साउण्ड सेन्टर के सम्बन्ध में शिकायत की जांच करने पहुँची दो सदस्यीय टीम,जिसमें संतोष कुमार यादव, नायब तहसीलदार करनैलगंज एवं डा० आदित्य वर्मा अपर मुख्य चिकित्साधिकारी/नोडल अधिकारी शामिल थे। उनके द्वारा जब सेन्टर के संचालन के विषय में जानकारी चाही गई तो संचालक द्वारा कोई जानकारी न देते हुए कोई अभिलेख भी प्रस्तुत नही किए गये। इसी क्रम में अवैध अल्ट्रा-साउण्ड सेन्टर को सीज करने की कार्यवाही संचालित करने पर तुफैल नामक व्यक्ति एवं अतुल यादव जिन्होने खुद को जी न्यूज का रिपोर्टर बताया एवं शिवाकान्त मिश्रा द्वारा फोन पर धमकी देते हुए जांच कार्यवाही ना करने एवं वहां से चले जाने को कहा गया तथा इसके उपरान्त मौके पर आकर अभद्र व्यवहार करते हुए इस मामले को साम्प्रदायिक रंग देने का प्रयास किया। साथ ही उपस्थित भीड़ को भड़काते हुए जांच टीम के वाहन को घेर लिया गया एवं सरकारी कार्य में हस्ताक्षेप कर इतनी गम्भीर कार्यवाही को बाधित करने का पूर्ण प्रयास किया गया एवं (जिसकी आडियो वीडियो भी उपलब्ध है,जिसके परिणाम स्वरूप भीड़ को आक्रोशित देख जांच टीम को मौके से रवाना होना पड़ा। उक्त घटना की सुस्पष्ट जॉच हेतु जिला मजिस्ट्रेट द्वारा उन्हें मजिस्ट्रीयल जॉच अधिकारी नामित किया गया है। अल्ट्रा-साउण्ड सेन्टर निकट सीएचसी,कटरा बाजार के सम्बन्ध में दोनों पक्ष (जाँच हेतु गई टीम) एवं कार्य बाधित करने में संलिप्त तीनो व्यक्तियों को निर्देशित किया जाता है कि अपना साक्ष्य एवं बयान अंकित कराने हेतु 14 अगस्त तक उपजिलाधिकारी,न्यायिक कर्नलगंज के न्यायालय में प्रातः 10 बजे से सांय 5 बजे तक बयान/ साक्ष्य उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त यदि कोई व्यक्ति किसी प्रकार का साक्ष्य/बयान एवं मौके की वस्तुस्थिति से अवगत कराना चाहे,जिससे इस जांच को दिशा मिल सके तो वह भी न्यायालय में उपस्थित होकर साक्ष्य एवं बयान दर्ज करवा सकेंगें।
