उत्तराखंड की आवाज़ देहरादून
By GR jayaswal editar in chif
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सोनिया आनंद रावत उर्फ जसवीर कौर की बढ़ रही मुश्किलें एक और मुकदमा दर्ज होने की तैयारी
Heading Option 2
आरूषी सुंदरियाल के बाद सामने आने लगे सोनिया आनंद व परिवार द्वारा प्रताड़ित लोग
Heading Option 3
डकैती का मुकदमा दर्ज होने के बाद सोनिया आनंद रावत और परिवार जनों के खिलाफ दुकान पर कब्जा कर जबरन रजिस्ट्री के लिए मजबूर करने का आरोप
Heading Option 4
सोनिया आनंद उर्फ जसवीर कौर, भाई हरविंदर आनंद, भाभी बबीता और भाई पर दुकान कब्जा जबरन रजिस्ट्री करने हेतु जान से मार डालने की धमकी देने का आरोप
Heading Option 5
दुकान पर कब्जा कर जबरन रजिस्ट्री करने हेतु जान से मारने की धमकी दी जा रही – ममता कपूर

फाइल फोटो आरुषि सुन्द्रियाल
हाल ही में युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता ने सोनिया आनंद रावत उर्फ जसवीर कौर और ममता शर्मा के साथ अज्ञात लोगों पर चोरी डकैती और शारीरिक हिंसा का मुकदमा दर्ज कराया जिसकी चर्चा पूरे शहर में हो रही है। यही चर्चा सुनकर नेशविला रोड स्थित एक दुकान के मालिक बुजुर्ग राजेश एवं ममता कपूर जो कि लंबे समय से अपनी दुकान पर हरविंदर आनंद और बबीता सहोत्रा का कब्जा होने से परेशान है और दो बार माननीय एसएसपी साहब को मामले की जानकारी दे चुके हैं जहां से धारा चौकी मामला पहुंचा तो गया परंतु धारा चौकी में उन्हें दोनों बार अतिरिक्त समय देने पर भी दुकान खाली नहीं की गई।
देहरादून के प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान ममता कपूर ने बताया कि, ” उन्होंने 2 साल पहले नेशविला रोड स्थित अपनी एक दुकान हरविंदर आनंद और बबीता सहोत्रा को किराए पर दी थी जो कि सोनिया आनंद रावत के सगे भाई और भाभी हैं। बबीता सहोत्रा बीजेपी की नेता है, सोनिया आनंद कांग्रेस से जुड़ी है, और बड़ा भाई रविंद्र आनंद आम आदमी पार्टी का नेता है। हरविंदर आनंद से जब दुकान खाली करने को कहा जाता है तब वह तीनों राजनीतिक दलों में मजबूत पकड़ होने की बात कहता था और इन लोगों को झूठे मुकदमों में फसाने की धमकियां भी देता था। जब ममता कपूर द्वारा बार-बार अपने बेरोजगार बेटे के व्यवसाय हेतु दुकान की आवश्यकता होने की बात कही गई और दुकान खाली करने को कहा गया तब यह है लोग दुकान खाली करने हेतु 10 लख रुपए की मांग करने लगे। हद तो तब हो गई जब यह लोग राजेश कपूर और ममता कपूर को खुलेआम दुकान खाली ना करने की बात कहने लगे और जबरन रजिस्ट्री करने के लिए जान से मारने की धमकियां भी देने लगे। ममता कपूर ने कहा कि वह जहां भी जाती हैं वहां अफसर और कर्मचारियों पर राजनीतिक दबाव बनाया जाता है और उनकी कोई सुनवाई नहीं होती। उन्होंने परेशान होकर स्वयं अपनी ही दुकान का बिजली कनेक्शन कटवाने हेतु 28 दिन बिजली विभाग के चक्कर काटे इसके बाद बामुश्किल वह बिजली का कनेक्शन कटवा पाई जिस पर उपरोक्त लोगों ने हंसते हुए कहा कि यह उनके लिए फायदेमंद रहेगा क्योंकि वह अब अपने नाम पर बिजली का कनेक्शन लेंगे इसके बाद जब उन्होंने विवादित दुकान के पते पर उनकी इजाजत के बिना कोई नया कनेक्शन न देने हेतु प्रार्थना पत्र बिजली विभाग को दिया तब वहां भी उन्होंने राजनीतिक दबाव महसूस किया क्योंकि रातों-रात वहां सोनिया आनंद की मां के नाम पर नया बिजली का कनेक्शन लग गया।
ममता कपूर ने यह भी कहा कि जब वह दुकान पर जाती हैं तो उन्हें धक्के मार कर निकाल दिया जाता है और सोनिया आनंद रावत जिसने दुकान किराए पर लेते समय हाथ जोड़े थे वह अब उनसे बात भी नहीं करती है और झूठ बोला जाता है कि तुमने हमें 2 साल का टाइम दे तो दिया जबकि समय केवल 2 महीने का ही दिया गया था। ममता कपूर ने कहा कि उनके बच्चे शहर से बाहर हैं, उनकी जान को खतरा है, और वह बहुत ज्यादा परेशान है।
उपरोक्त संबंध में एक प्रार्थना पत्र कल ही राजेश कपूर द्वारा माननीय पुलिस महानिदेशक साहब को रिसीव करवाया गया है।
पत्रकार वार्ता के दौरान युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता आरुषि सुंदरियाल भी मौजूद रही, आरुषि ने कहा कि वह ममता कपूर और उनके परिवार को इन प्रभावशाली लोगों की गुंडागर्दी से बचाने का हर संभव प्रयास करेंगी जिसके लिए वह उन्हें पूरी कानूनी सहायता देगी। आरुषि ने अपनी बैंक अकाउंट पासबुक समस्त पत्रकारों के साथ साझा की जिसके अनुसार उनका केवल 15 दिन का किराया शेष था परंतु सोनिया आनंद द्वारा मीडिया में खुलेआम उन पर अपार्टमेंट में कब्जा करने का झूठा आरोप लगाया गया जबकि 8 अगस्त को ही स्वयं आरुषि द्वारा अपार्टमेंट खाली करने हेतु 1 महीने का नोटिस
मकान मालकिन ममता शर्मा को दिया गया था क्योंकि ममता शर्मा अपार्टमेंट बेचना चाहती थी वह अज्ञात लोगों को उनके घर लाने लगी थी। परंतु सोनिया ने राजनीतिक ईर्ष्या के चलते आरुषि को अचानक 20 अगस्त को नाइट सूट में खाली हाथ घर से बेघर कर बड़ा ही अमानवीय कृत्य किया है। आज 11 दिन हो गए हैं आरुषि की निजी एवं व्यवसायिक सभी चल संपत्ति ममता शर्मा द्वारा ताले में बंद कर दी गई है जिसे कोर्ट से खुलने में समय लगेगा इसके बाद शहर के तमाम लोग आरुषि की सहायता के लिए आगे आए और उन्हें अपने निजी आवास में शरण दी, वह इस समय किसी न किसी सहयोगी के आश्रय पर निर्भर हैं और उन्हें वस्त्र भी दान में मिले हैं आरुषि ने कहा कि अब पूरा शहर ही उनका घर बन चुका है जिसके लिए वह पूरे देहरादून शहर का आभार व्यक्त करती हैं।
पत्रकार वार्ता के माध्यम से माननीय कप्तान साहब अजय सिंह जी का आरुषि विशेष आभार व्यक्त करती है जिनके दिशा निर्देश पर उचित जांच की जा रही है जिसमें सोनिया आनंद के असल मकसद को लेकर बड़े खुलासे होंगे इसके बारे में आरुषि अगली प्रेस वार्ता में बात करेंगी। आरुषि ने कहां गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज होने पर सोनिया बौखलाई हुई है और तमाम झूठे आरोप लगाकर उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। सोनिया की सोशल मीडिया टीम फर्जी आईडी से बेसर पर के कमेंट कर आरुषि को ट्रोल करने का प्रयास कर रहे हैं और साथ ही सोनिया द्वारा आरुषि से निजी रंजिश रखने वाले लोगों को संपर्क किया जा रहा है जिसके चलते 3 साल पहले नौकरी से निकाला गया आरुषि का नौकर यश रतूड़ी भी अचानक अजीबोगरीब बयान बाजी करता नजर आया इसके खिलाफ भी उचित कार्रवाई की जाएगी। आरुषि ने कहा कि सोनिया एवं संबंधियों से प्रताड़ित अन्य लोग भी लगातार उन्हें संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं जिनकी वह हर संभव सहायता करेंगे।।
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