उतराखंड कि आवाज
बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर को भारतीय संविधान का जनक माना जाता है. उन्होंने भारतीय लोगों में समानता स्थापित करने के लिए जीवन भर संघर्ष किया. इसलिए, उन्हें समानता का प्रतीक माना जाता है।
आज भारत के जयादातर गांवो और मोहल्लों में उनकी मूर्ति सार्वजनिक स्थापित है। जो उनके संघर्षों कि याद दिलाती है। लेकिन कभी न कभी बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर कि मूर्ति को देख कर आपके मन में भी विचार जरूर आया होगा कि उनकी मूर्ति में एक हाथ में किताब और दूसरा हाथ सामने कि ओर इशारा क्यो करता दिखाया गया है। तो आइए हम आपको बताते हैं कि आखिर क्यों बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर की मूर्ति को ऐसा दर्शाया गया है।

दरअसल, बाबा साहेब अंबेडकर की मूर्ति के एक हाथ में प्रतीकात्मक रूप से भारतीय सविधान है जो देश के हर नागरिक को उसके अधिकार और भारतीय न्याय व्यवस्था की जानकारी को दर्शाता है। वही दूसरा हाथ सामने कि ओर इशारा करते हुए कहता है कि भारतीय लोगों में समानता स्थापित करने और अपने अधिकारो को हक पूर्वक पाने के लिए लोगों को संसद में जाना चाहिए और इस देश का उत्थान करना चाहिए।
पहली बार बाबा साहेब डाॅ भीमराव अंबेडकर की मूर्ति कहाँ पर स्थापित की गई?
देश में बाबा साहेब कि पहली मूर्ति राजधानी के रानी झांसी रोड पर स्थित अंबेडकर भवन में डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर स्मारक समिति द्वारा स्थापित की गई थी। 6 दिसंबर, 1956 को बाबा साहेब अबेंडकर कि मृत्यु के बाद डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर स्मारक समिति द्वारा 14 अप्रैल, 1957 को पहली बार उनका जन्म दिन मनाया गया, इसी दिन बाबा साहेब कि यहां पर प्रतिमा स्थापित की गयी।
डॉ. अंबेडकर की पहली मूर्ति स्थापित होने के बाद, भारत भर में उनकी अनेक मूर्तियां स्थापित की गईं। जो उनके समाजिक संघर्ष और योगदान को याद हैं।
सोशल मीडिया पर बाबा साहेब डॉo भीमराव अंबेडकर की मूर्ति के महत्व को लेकर एक कहानी भी प्रप्रचलित है आइये कहानी के माध्यम से समझते हैं डॉo भीमराव अंबेडकर के वयक्तिव को….
एक बार एक छोटा बच्चा अपने पिता के साथ डॉ भीमराव आंबेडकर जयंतीे के भव्य समारोह में गया। जहाँ उसने बाबा साहेब कि मूर्ति पर सेकड़ो लोगों को फूलमाला पहनाते और पुष्पाजलि करते हुए देखा जिसे देखकर वह बहुत प्रभावित हुआ और अपने पिता से प्रश्नोत्तर करने लगा ।
लड़का : पिताजी, बाबा साहेब हमेशा सूटबूट में ही क्यों रहते थे ?
पिताजी : बेटा, क्योंकि बाबा साहेब ने बचपन में ही वो कड़वी यातनाएं झेली थीं जब उन्हें पाठशाला में पानी पीने के लिए भी किसी सवर्ण जाति के शिक्षक अथवा चपरासी पर निर्भर रहना पड़ता था क्योंकि कोई अछूत अपने हाथ से पानी नहीं ले सकता था । जब वे पढ़-लिखकर भारत वापस आए तब भी स्थिति वैसी ही थीं। तब जाकर उन्होंने भारत में समाज सुधार का कार्य किया ।
उन्हें लगता था कि मेरा समाज भी अच्छे कपडे पहने, यदि मैं सुटबुट में रहूंगा तो मेरा समाज मुझसे प्रेरणा लेकर और मुझे आदर्श मानकर खुद भी सूटबूट पहनेगा। लडका – ठीक है पिताजी, आज से मैं भी सूटबूट में ही रहूंगा।
लड़का : अच्छा पिताजी बाबा साहेब के जेब में हमेशा पेन क्यों रहता था ?
पिताजी : बहुत अच्छा प्रश्न पूछा बेटा !
कलम होने का मतलब है शिक्षित होना ही सबसे जरूरी काम है। अरे वो सिर्फ कलम (पेन) नहीं पीड़ितों शोषित, लोगों को गुलामी से मुक्त करने की वह आधुनिक तलवार है। उसी कलम से बाबा साहेब ने आगे चलकर भारतीय संविधान लिखा ।
लड़का : पिताजी मैं भी आज से अपनी जेब में कलम लगाऊंगा और खूब पढ़ाई करूँगा।
लड़का : पिताजी मैं आपसे आखरी प्रश्न पूछ रहा हूँ ।
प्रश्न : क्या बाबा साहेब ने उंगली कहा दिखाई और उनके हाथ में कौन सी किताब हैं ?
पिताजी : बहुत अच्छा बेटा, बहुत सटीक और तर्कपूर्ण प्रश्न पूछा हैं आपने ।
बेटा उनके हाथ में जो किताब है उसका नाम है ” भारतीय संविधान ” हैं। इस संविधान से भारत देश चलता है, इसी संविधान से सभी को समानता, स्वतंत्रता,न्याय और बन्धुत्वता को बल मिलता है। और उनकी उगली संसद भवन कि ओर इशारा करते हुए कहती है कि अपने अधिकारो को हक पूर्वक पाने के लिए लोगों को संसद में जाना चाहिए।
डॉ भीमराव अंबेडकर जी के बारे में कुछ ऐसे तथ्य जो आपको जरूर जानने चाहिए….
तथ्य नं – 1. भीमराव अंबेडकर अपने माता-पिता की चौदहवीं और आखिरी संतान थे।
तथ्य नं – 2. डॉ अंबेडकर के पूर्वज काफी समय तक ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कम्पनी में एम्प्लोयेड थे और उनके पिता ब्रिटिश इंडियन आर्मी में Mhow cantonment में तैनात थे।
तथ्य नं – 3. डॉ. अम्बेडकर का मूल या ओरिजिनल नाम था अम्बावाडेकर था। लेकिन उनके शिक्षक, महादेव अम्बेडकर, जो उन्हें बहुत मानते थे, ने स्कूल रिकार्ड्स में उनका नाम अम्बावाडेकर से अम्बेडकर कर दिया।
तथ्य नं – 4. बाबासाहेब मुंबई के गवर्नमेंट लॉ कॉलेज में दो साल तक प्रिंसिपल पद पर कार्यरत रहे।
तथ्य नं – 5. डॉ. बी. आर अम्बेडकर भारतीय संविधान की धारा 370, जो जम्मू और कश्मीर को विशेष दर्जा देता है के खिलाफ थे।
तथ्य नं – 6. बाबासाहेब अम्बेडकर विदेश जाकर अर्थशास्त्र डॉक्टरेट की डिग्री हासिल करने वाले पहले भारतीय थे।
तथ्य नं – 7. डॉ. अम्बेडकर बाद के सालों में डायबिटीज से बुरी तरह ग्रस्त थे।
तथ्य नं – 8. डॉ. अम्बेडकर ही एक मात्र भारतीय हैं जिनकी portrait लन्दन संग्रहालय में कार्ल मार्क्स के साथ लगी हुई है।

तथ्य नं – 9. इंडियन फ्लैग में अशोक चक्र को जगह देने का श्रेय भी डॉ. अम्बेडकर को जाता है।
तथ्य नं – 10. B R Ambedkar Labor Member of the Viceroy’s Executive Council के सदस्य थे और उन्ही की वजह से फैक्ट्रियों में कम से कम 12-14 घंटे काम करने का नियमबदल कर सिर्फ 8 घंटे कर दिया गया था।
तथ्य नं – 11. वो बाबासाहेब ही थे जिन्होंने महिला श्रमिकों के लिए सहायक Maternity Benefit for women Labor, Women Labor welfare fund, Women and Child, Labor Protection Act जैसे कानून बनाए।
तथ्य नं – 12. Economics का Nobel Prize जीत चुके अर्थशास्त्री प्रो. अमर्त्य सेन डॉ. बी आर अम्बेडकर को अर्थशाश्त्र में अपना पिता मानते हैं।
तथ्य नं – 13. बेहतर विकास के लिए 50 के दशक में ही बाबासाहेब ने मध्य प्रदेश और बिहार के विभाजन का प्रस्ताव रखा था, पर सन 2000 में जाकर ही इनका विभाजन कर छत्तीसगढ़ और झारखण्ड का गठन किया गया।
तथ्य नं – 14. बाबा साहेब को किताबें पढने का बड़ा शौक था. माना जाता है कि उनकी पर्सनल लाइब्रेरी दुनिया की सबसे बड़ी व्यक्तिगत लाइब्रेरी थी, जिसमे 50 हज़ार से अधिक पुस्तकें थीं.
