उत्तराखंड की आवाज
शर्म नाक, देहरादून घंटाघर के समय संविधान निर्माता बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी की लगी प्रतिमा के चारों तरफ ठेलिया सजी हुई प्रतिमा तक जाने के लिए रास्ते में बंद

उत्तराखंड की आवाज देहरादून उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के घंटाघर के समीप संविधान निर्माता बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा स्थापित है देहरादून शहर का दिल कहे जाने वाले घंटाघर के समीप बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा है जिसके दर्शन करने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं लेकिन नगर निगम की नाक के नीचे यह सब देखने को मिल रहा है कि बाबा साहब के दर्शन करने के लिए गेट के चारों तरफ रास्ते बंद कर दिए गए हैं कई मोम चाऊमीन की दुकान वाले तो कहीं कपड़े की ठेली वालों ने कई मोचियों ने तो बाबा साहब के में गेट पर जाने के लिए रास्ता किया हुआ है बंद वही सामने पुलिस बूथ पर भी पुलिस के नौजवान खड़े रहते हैं लेकिन सबकी आंखें बंद है कोई नहीं देख रहा है कि संविधान निर्माता बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा के चारों तरफ ठेली वालों ने रास्ता बंद किया हुआ है ऐसा लगता है जैसे कि नगर निगम ने वहां की तेली लगाने वालों से पैसे लिए हो देहरादून में दलित समाज के कई संगठन है जैसे भीम आर्मी , अंबेडकर युवक संघ डी एल र्रोड देहरादून, रविदास महासभा देहरादून शहर में इस तरह के कई संगठन है जो दलित समाज के लोग चला रहे हैं लेकिन कोई भी संगठन बाबा साहब की लगी प्रतिमा के बारे में नहीं बोल रहा है यह बहुत ही शर्म की बात है कि दलित समाज के इतने संगठन होने के बावजूद भी संविधान निर्माता बाबा साहब की प्रतिमा पर जाने के लिए रास्ते चारों तरफ से बंद है

