उत्तराखंड की आवाज़
1848 में लडकीयों के लिए पहला स्कूल सावित्रीबाई_फुले और फातिमा_शेख ने मिलकर शुरू किया

और आज ये कारवां #कर्नल_सोफिया_कुरैशी और
#विंग_कमांडर_व्योमिका सिंह तक आ पहुंचा।
आज भारत की इन बहादुर बेटीयों के पिछे उन्हीं दोनों महान ताकतों का बलिदान व आशीर्वाद है।
धन्यवाद है माता सावित्रीबाई फुले जी और फातिमा शेख जी जिन्होंने आज के मजबूत भारत की नींव 1848 में डाली।
आपका संघर्ष और उपकार देश भुला नहीं सकता।
सभी महापुरुषों के साथ साथ भारतीय सेनाओं को भी दिल से सैल्यूट….. 🇮🇳🇮🇳🪖
हर बार जाति देखकर सम्मान या अपमान देने वाले अंधभक्तों विंग कमांडर व्योमिका सिंह की जाति पता की क्या? गूगल पर सर्च कर लेते,
विंग कमांडर व्योमिका सिंह हरियाणा राज्य के भिवानी जिले के बापोड़ा गांव की बहू हैं।
चमार जाति से हैं,
एक तरफ़ दुश्मन देश के घर में घुसकर विंग कमांडर व्योमिका सिंह पहलगाम हमले का बदला लेने के लिए जान की बाज़ी लगाने को आतुर थी,
दूसरी तरफ उसी समय कुछ कथित राष्ट्रभक्त उनकी जाति के दूल्हों को घोड़ी पर चढ़ने के कारण जान से मारने की योजना बना रहे थे,
फर्जी महाराजाओ!
कुछ शर्म करो।
असल में विंग कमांडर व्योमिका सिंह सभ्रवाल,
जो हाल ही में पाकिस्तान में सफल मिसाइल स्ट्राइक के बाद प्रेस कांफ्रेंस में जानकारी देकर चर्चा में आई हैं।
व्योमिका सिंह के पति ग्रुप कैप्टन दिनेश सभ्रवाल भारतीय वायुसेना में सेवारत हैं और उनके ससुर श्री प्रेम सभ्रवाल, जोकि सेवानिवृत्त DETC अधिकारी हैं,
बापोड़ा गांव के सम्मानित निवासी हैं।
चमार समाज के लिए भी ये अलग से गौरव का विषय है क्योंकि आजकल हम इंसान कम जातियां ज्यादा ढूंढते हैं।
