उत्तराखंड की आवाज
उत्तराखंड की आवाज देहरादून संत समाज का फूटा आक्रोश: सुरेश राठौर के रविदासाचार्य और महामंडलेश्वर पद प्रयोग पर रोक की मांग
हरिद्वार, 28 जून 2025
संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की शिक्षाओं और परंपरा से जुड़े संत समाज और रविदासिया समुदाय में पूर्व विधायक सुरेश राठौर के कथित आचरण को लेकर तीव्र असंतोष व्याप्त है। हरिद्धार प्रेस क्लब में शनिवार को आयोजित एक विशेष प्रेस वार्ता में संतों और सामाजिक प्रतिनिधियों ने पत्रकारों को बताया कि सुरेश राठौर द्वारा अपने नाम के साथ ‘रविदासाचार्य’ तथा ‘महामंडलेश्वर’ जैसे पदों के प्रयोग को लेकर गंभीर आपत्ति जताई।
गंगोत्री धाम की साध्वी रेणुका जी ने आरोप लगाया कि सुरेश राठौर के असामाजिक व्यवहार और अमर्यादित कृत्यों से संत रविदास जी की परंपरा और भारतीय संस्कृति का घोर अपमान हुआ है। उन्होंने कहा कि संत समाज ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि सुरेश राठौर अपने नाम के साथ ‘रविदासाचार्य’ शब्द का प्रयोग तत्काल बंद करें, अन्यथा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ सामाजिक बहिष्कार की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी।
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महामंडलेश्वर पद के अनुचित प्रयोग पर भी चेतावनी
प्रेस वार्ता में संतों ने स्पष्ट किया कि ‘महामंडलेश्वर’ जैसी धार्मिक उपाधि केवल कठोर साधना, संयम और धार्मिक आचरण के बाद ही दी जाती है। यह एक पवित्र पदवी है, जिसे केवल संतों की सामूहिक सहमति और पारंपरिक प्रक्रिया द्वारा ही प्रदान किया जा सकता है। संतों ने दावा किया कि सुरेश राठौर को यह उपाधि कभी नहीं दी गई, और यदि वह इस पद का दुरुपयोग जारी रखते हैं, तो उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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यूसीसी उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई की मांग
साध्वी रेणुका ने बताया कि सुरेश राठौर पर दो विवाह करने का आरोप है, जो उत्तराखंड में लागू समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने राज्य सरकार से तत्काल कानूनी कार्रवाई करने की मांग की, ताकि यूसीसी का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
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संतों ने भाजपा से राठौर को निष्कासित करने की मांग की
रविदास मिशन से जुड़े संत मेहरचंद दास जी ने सुरेश राठौर के आचरण को घिनौना और अक्षम्य बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरेश राठौर ने संत समाज से जुड़े लोगों पर फर्जी मुकदमे दर्ज करवाकर उत्पीड़न किया है। संत मेहरचंद ने कहा कि यदि सुरेश राठौर ने सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी तो संत समाज उनका पूर्ण सामाजिक बहिष्कार करेगा। संतों और समाज के प्रतिनिधियों ने अंत में भारतीय जनता पार्टी से मांग की कि वह सुरेश राठौर को तत्काल पार्टी से निष्कासित करे, ताकि पार्टी की छवि और संत समाज का सम्मान दोनों सुरक्षित रह सकें।
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मुख्य बिंदु:
-संत समाज ने सुरेश राठौर के रविदासाचार्य व महामंडलेश्वर जैसे पदों के उपयोग पर आपत्ति जताई
-दो शादी के मामले में यूसीसी उल्लंघन का आरोप
-संतों ने सामाजिक बहिष्कार और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी
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पत्रकारों एवं मीडिया प्रतिनिधियों से विशेष अनुरोध
संत समाज एवं रविदासिया समुदाय का सभी सम्माननीय पत्रकारों और मीडिया संस्थानों से विनम्र अपील है कि वे समाचारों, लेखों या किसी भी प्रकार की मीडिया कवरेज में पूर्व विधायक सुरेश राठौर के नाम के साथ “रविदासाचार्य” जैसे पवित्र उपाधि का प्रयोग न करें। क्योंकि यह उपाधि संत समाज की परंपरा अनुसार उन्हें प्रदान नहीं की गई है और इसका उपयोग संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की मर्यादा और परंपरा का घोर अपमान है। मीडिया से अपेक्षा है कि वह इस विषय की गंभीरता को समझते हुए निष्पक्ष, जिम्मेदार और मर्यादित रिपोर्टिंग करें, जिससे समाज में गलत संदेश न जाए। आपका एक छोटा सा सहयोग, समाज और धर्म की मर्यादा की रक्षा में बड़ा योगदान होगा।
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