उत्तराखंड की आवाज : देहरादून , मध्य प्रदेश की दलित युवती से छेड़छाड़ और इसके बाद भाई की हत्या, मां को बस स्टैंड पर निर्वस्त्र कर घुमाना,
मारपीट करना सरकार और सिस्टम के मूंह पर तमाचा है, मां को निर्वस्त्र कर घुमाने, बेटे को पीट-पीटकर मारने में समय लगा होगा, लेकिन पुलिस का कहीं पता नहीं चला, अब तो इस बेटी की भी एम्बुलेंस से संदिग्ध हालात में गिरकर मौत हो चुकी है, सरकार खामोश है, सरकार का इस पूरे मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों, दबंगों पर समय रहते कार्रवाई न करना वास्तव में एमपी में सरकार न होने की गवाही देता है, यह भी सच है कि एमपी में दलित होना एक अपराध हो गया है, क्योंकि पिछले कुछ वर्ष के आंकड़े इस बात की साफ गवाही देते हैं, वास्तव में ऐसी घटनाएं सरकार और सिस्टम के मूंह पर तमाचा है, इंसानियत के माथे पर कलंक है, एमपी में वास्तव जंगलराज दिखता है
