उत्तराखंड की आवाज़
सहारनपुर हादसा: रुतबा बैंक्विट हॉल में लगी आग, मची भगदड़, मुश्किल से लोगों की जान बची
बड़ा सवाल? सीएफओ की एनओसी के बाद भी कोई सुधार नहीं जिस कारण यह हुआ अग्निकांड
देहरादून,सहारनपुर : अंबाला रोड स्थित बने रुतबा बैंक्विट हॉल में ग्रेट ग्रैंड फिएस्टा प्रदर्शनी लगी हुई थी इसी दौरान एक अग्निकांड का हादसा सामने आ गया बैंक्विट हॉल की छत पर लगे पर्दों में अचानक आग लग गई जिससे वहां भगदड मच गई बा मुश्किल आग पर काबू पाया गया लोगों की जान मुश्किल से बची, इस घटना से सीएफओ और प्रशासन पर बड़े सवाल खड़े हो गए जिन्होंने रुतबा को शर्तो पर एनओसी दी थी कि 1 लाख लीटर भूमिगत वॉटर टैंक स्थापित करने, फ्रंट और दोनों तरफ तथा पीछे के साइड बैक छोडने, एमरजैंसी एग्जिट छत पर लगे पर्दे हटाने आदि में सुधार करने को निर्देश दिये लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ किस कारण यह अग्निकांड सामने आ गया । वही, स्टॉल फीस वापसी का मामला गरमाया, आयोजक पर महिला ने लगाए गंभीर आरोप लगाए, रंजना नामक महिला ने जिलाधिकारी सहारनपुर को शिकायती पत्र देकर मामले की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता रंजना के अनुसार, 13 अक्टूबर 2026 को श्वेता शर्मा द्वारा आयोजित ग्रेट ग्रैंड फिएस्टा प्रदर्शनी में उन्होंने अपने उत्पादों की बिक्री एवं प्रदर्शन के लिए स्टॉल बुक किया था। इसके लिए उन्होंने ₹10,000 स्टॉल फीस जमा की थी। प्रदर्शनी का आयोजन रतबा बैंक्वेट, सहारनपुर में किया गया था।
रंजना का आरोप है कि प्रदर्शनी के दौरान बैंक्वेट हॉल में आग लगने से उनके लगभग ₹15,000 के स्टॉक का नुकसान हुआ। इसके अलावा, उनका कीमती समय बर्बाद हुआ और बिक्री पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।
शिकायती पत्र में उन्होंने बताया कि बैंक्वेट के मालिक की ओर से मुआवजे के रूप में केवल ₹5,000 दिए गए। वहीं, स्टॉल की ₹10,000 फीस वापस मांगने पर आयोजक श्वेता शर्मा से संपर्क नही हुआ है।
सीएफओ द्वारा रुतबा बैंक्विट हॉल को शर्तों पर एनओसी दी गई थी जिसमें 1 लाख लीटर भूमिगत वॉटर टैंक, फ्रंट एवं दोनों तरफ के सेटबैक तथा छत पर लगे पर्दे हटाने को कहा था लेकिन उसके बावजूद भी कोई सुधार नहीं हुआ जिस कारण यह अग्निकांड का हादसा पेश आया और लोगों की जान मुश्किल से बची, अब इस हादसे की जिम्मेदारी कौन लेगा सीएफओ या प्रशासन
