उत्तराखंड की आवा
विज्ञान पत्रकारिता और जनसंचार में वैज्ञानिक शब्दावली की भूमिका और प्रचार प्रसार की चुनौतियां” विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी शनिवार सफलता पूर्वक संपन्न हो गई।

उत्तराखंड की आवाज देहरादून नई दिल्ली।आईएफटीएम विश्वविद्यालय में वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली के सहयोग से “विज्ञान पत्रकारिता और जनसंचार में वैज्ञानिक शब्दावली की भूमिका और प्रचार प्रसार की चुनौतियां” विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी शनिवार सफलता पूर्वक संपन्न हो गई।
संगोष्ठी प्रभारी व उक्त आयोग के सहायक निदेशक डॉ. अशोक सेलवटकर एवं विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. संजीव अग्रवाल ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वल व पुष्पार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस पर कार्यक्रम के संरक्षक व विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री राजीव कोठीवाल ने संगोष्ठी के सफल आयोजन हेतु शुभकामनाएं दीं।
मुख्य अतिथि व आयोग के अध्यक्ष प्रो. गिरीश नाथ झा ने कहा कि भारत प्राचीनकाल से ही पूरे विश्व में ज्ञान की अलख जगाता रहा है। लेकिन वर्तमान समय में परिस्थितियां बदल गई हैं। अपनी परंपराएं भुलाते हुए सभी विदेशी भाषा के आगोश में समाते चले जा रहे हैं और अपनी निर्भरता विदेशी भाषाओं के प्रति बढ़ाते जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारत सरकार हिंदी सहित अन्य भारतीय क्षेत्रीय भाषाओं में विज्ञान और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा दे रही है ताकि भारत के युवा अपनी भाषा में विज्ञान को समझ कर अपनी प्राचीनतम पहचान को दुबारा स्थापित कर सकें।
