उत्तराखंड की आवाज़
जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि वर्फबारी के चलते चमोली जिले के 72 गांव प्रभावित

जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि वर्फबारी के चलते चमोली जिले के 72 गांव प्रभावित
उत्तराखंड की आवाज़ देहरादून, चमोली। चमोली जिले के 72 गांव वर्फबारी से प्रभावित हो गए हैं। इसके चलते जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि वर्फबारी के चलते चमोली जिले के 72 गांव प्रभावित हुए हैं।
इनमें जोशीमठ तहसील के 19, चमोली तहसील के 5, पोखरी तहसील के 4, गैरसैंण तहसील के 11, कर्णप्रयाग के 2, नंदानगर तहसील के 14, थराली तहसील के 17 गांवों समेत कुल 72 गांव शामिल हैं।
बताया कि जोशीमठ तहसील में बदरीनाथ, माणा, पांडुकेर, पूर्णा, नीती, रेगड़ी, औली, मलारी, तपोवन, हनुमानचट्टी, बामणीगांव, लौंग सेगड़ी, लाता, द्रोणागिरी, कागा, डुमक, कलगोठ तथा सुरांईठोठा गांव भी वर्फबारी से आच्छादित हुए हैं। चमोली तहसील में अनुसूया देवी, पाणा, ईराणी, झींझी तथा धारकुमाला गांव वर्फबारी से लबालब हुए हैं।
पोखरी तहसील में नैल, नौली, धोतीधार तथा कलसीर गांव वर्फबारी से प्रभावित हुए हैं। गैरसैंण तहसील में भराड़ीसैंण, चलियापाणी, घनियाल, फरकंडे, मेहरगांव, सिलपाटा, धारगैड़, गैर, मरोड़ा, अंद्रपा व पंचाली गांवों में वर्फबारी हुई है। कर्णप्रयाग तहसील के सैंज तथा सिलंगी गांव वर्फ से आच्छादित हुए हैं।
नंदानगर तहसील में सुतोल, कनोल, गैरी, पेरी, बूरा, पडेरगांव, घूनी, रामणी, पगना, लुणतरा, चरबंग, जोखना, स्यांरी तथा बंगाली गांवों में वर्फबारी से जनजीवन अस्त व्यस्त हुआ है।
थराली तहसील में लोहाजंग, वाण, बांक, मुंदोली, घेस, वलाण, हरमल, चोटिंग, ग्वालदम, जैनबिष्ट, नलधूरा, डुंग्री, रतगांव, बूंगा, बुडसोल, कोलपुड़ी तथा ईसाण गांवों में वर्फबारी से जनजीवन प्रभावित हुआ है।
उन्होने बताया कि प्रभावित गांवों के लोगों के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इसलिए इस मामले में राजस्व विभाग की टीमों के अलावा अन्य विभागों को भी वर्फबारी प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखने को कहा गया है
