उत्तराखंड की आवाज
ऋषिकेश में सिख युवा व्यापारी के साथ मारपीट और दस्तार व दाढ़ी की बेअदबी की घटना से पछवादून में आक्रोश,
उत्तराखंड की आवाज देहरादून ऋषिकेश में सिख युवा व्यापारी के साथ मारपीट और दस्तार व दाढ़ी की बेअदबी की घटना से पछवादून में आक्रोश, कांग्रेस ने भेजा एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन, कड़ी कार्यवाही की मांग*
ऋषिकेश में युवा सिख व्यापारी के साथ हुई घटना से आक्रोशित कांग्रेस सोशल मीडिया एवं दशमेश सेवक जत्था के पदाधिकारियों का डेलिगेशन आज विकासनगर तहसीलदार से मिला और उनके माध्यम से सूबे के मुखिया को ज्ञापन भेज कर कड़ी कार्यवाही की मांग की l
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कांग्रेस सोशल मीडिया सेल के प्रदेश उपाध्यक्ष सरदार बलजीत सिंह एवं कांग्रेस सेवा दल के प्रदेश प्रवक्ता भास्कर चुग के नेतृत्व में आज कार्यकर्ता तहसील परिसर में सुबह 11:30 बजे एकत्र हुए और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपते हुए कहा कि
आo मुख्यमंत्री, उत्तराखंड शासन, देहरादून l
2 मार्च को ऋषिकेश में सिख युवक के साथ हुई मारपीट एवं दस्तार व दाढ़ी की बेअदबी की घटना के आलोक में आपसे आग्रह है कि कुछ तथ्यों पर ध्यान दें l सर्वप्रथम तो प्रदेश के नवयुवकों को यह बात समझने की जरूरत है कि उत्तराखंड राज्य का निर्माण बहुत सारी कुर्बानियां और अत्याचार सहन करने के बाद हुआ है l प्रत्येक राजनीतिक दल और प्रत्येक सामाजिक संगठन का किसी तथ्य पर ध्यान दिलाना आवश्यक है कि उत्तराखंड में निवास करने वाले प्रत्येक समुदाय के व्यक्ति ने इस राज्य के निर्माण के लिए आंदोलन किया था और अत्याचार सहे थे व शहादत भी दी थी l इस तथ्य की पुष्टि के लिए खटीमा के शहीदों के नाम पर नजर डाली जा सकती है l उत्तराखंड राज्य निर्माण के लिए पहाड़ी मूल के लोगों ने तो कुर्बानी दी ही थी, उनके साथ-साथ हर समुदाय के लोगों, सरदारों और मुसलमानो ने भी इस राज्य निर्माण के लिए कुर्बानी दी थी l राज्य आंदोलन के खटीमा गोलीकांड के शहीदों पर नजर डालें तो इस तथ्य की पुष्टि हो जाएगी l
यह बात भी स्वतः सिद्ध है कि उत्तराखंड पहाड़ी राज्य है और उत्तराखंड में निवास करने वाला प्रत्येक समुदाय का व्यक्ति पहाड़ी है l इसीलिए सत्ता पक्ष के मंत्री द्वारा पहाड़ियों के बारे में अपशब्द कहा जाना और इस क्रिया की प्रतिक्रिया के रूप में कुछ संगठनों द्वारा मूल रूप से पहाड़ी क्षेत्र के जो समुदाय नहीं है उनके विरुद्ध विषवमन किया जाना उत्तराखंड जैसे शांतिप्रिय राज्य के अमन में अँगारे फेंक रहा है l मान्यवर, चूंकि शासन आप चला रहे हैं इसलिए आपकी ही जिम्मेदारी है कि प्रदेश के किसी भी समुदाय के विरुद्ध किसी भी प्रकार की सोशल मीडिया पोस्ट, सड़क पर गाली गलौज वाली भाषा, समुदाय को टारगेट करते हुए मारपीट, बेअदबी, रैली जुलूस, किसी भी प्रकार के प्रशासनिक उत्पीड़न को तत्काल रोका जाए और सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में इस प्रकार की घटना बिल्कुल ना हो l पहाड़ी हो, देसी हो , सिख हो या मुस्लिम हो, किसी का भी उत्पीड़न उत्तराखंड में सहन नहीं किया जाना चाहिए l
ऋषिकेश प्रकरण में समाचार मिला है कि आरोपियों ने गुरुद्वारा पहुंचकर माफी मांग ली है परंतु, हमारी मांग यह है कि कानून को अपना काम करना चाहिए ताकि भविष्य के लिए सबक मिले और आगे चलकर इस प्रकार की कोई घटना ना हो l उन राजनैतिक लोगों के विरुद्ध भी एक्शन लिया जाये जो पहाड़ी समुदाय को गाली दे रहे हैं अथवा किसी अन्य समुदाय के विरुद्ध अभियान चला रहे हैं l
ज्ञापन में मांग की गई की ऐसी कड़ी कार्यवाही की जाए जो भविष्य के लिए एक मिसाल कायम कर सके और उत्तराखंड में दोबारा इस तरह की कोई घटना ना हो l
इस अवसर पर कांग्रेस सोशल मीडिया सेल के प्रदेश उपाध्यक्ष सरदार बलजीत सिंह, कांग्रेस सेवा दल के प्रदेश प्रवक्ता भास्कर चुग, मनोज चौहान, दशमेश सेवक जत्था के सरदार हरमीत सिंह, प्रभजीत सिंह, हरप्रीत सिंह, बलजीत सिंह, लकी, गुरप्रीत सिंह, कांग्रेस सेवा दल के जिला अध्यक्ष विजय एडवोकेट, जिला महासचिव जीवन सिंह कांग्रेस नेता साजिद अली, इलम चंद्र मुल्तानी, ओम प्रकाश, सोशल मीडिया के प्रदेश सचिव वीरेंद्र सिंह, कांग्रेस अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के नेता ध्वजवीर सिंह सहित अनेक पदाधिकारी शामिल रहे ल
