उत्तराखंड की आवाज
मूल निवासी बहुजन समाज के बुद्धिजीवी वर्ग, छात्र ,महिलाएं एवं उपासक- उपासिकाएं तथा संमविचारी संस्था ,संगठन महाबोधि महाविहार को ब्राह्मणों से मुक्त कराने लिए 9 अप्रैल जेलभरो आंदोलन और एक जुलाई को भारत बंद किया जाएगा

उत्तराखंड की आवाज देहरादून हरिद्वार, -रुड़की ( 8 मार्च 2025) भारत मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय वामन मेश्राम जी के नेतृत्व में बुद्धिस्ट इंटरनेशनल नेटवर्क के बैनर पर भारत के 31 राज्यों के 567 जिलों में महाबोधि महाविहार मुक्त करने के लिए देशव्यापी चरण बंद आंदोलन की कड़ी में बहुजन क्रांति मोर्चा, भारत मुक्ति मोर्चा, भारतीय बौद्ध महासभा, राष्ट्रीय क्रिश्चियन मोर्चा , राष्ट्रीय सिख मोर्चा,राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा ,राष्ट्रीय मूल निवासी महिला संघ आदि संगठनों के कार्यकर्ताओं ने रुड़की रविदास घाट पर प्रदर्शन किया।

बहुजन क्रांति मोर्चा के प्रदेश संयोजक भंवर सिंह ने प्रदर्शन कार्यों को संबोधित करते हुए कहा कि जब चर्च ,मंदिर ,मस्जिद,गुरुद्वारों आदि में कोई दूसरे धर्म का पुजारी पूजा पाठ आदि नहीं करा सकता तो फिर महाबोधि महाविहार पर विदेशी ब्राह्मण क्यों कब्जा किए बैठे हैं? इन्हीं ब्राह्मणों के वंशजों ने देश के बौद्ध भंतों का कतले आम कर 84 000 बौद्ध विहारों को नष्ट करके बड़े-बड़े बौद्ध विहारों पर जबरन कब्जा कर रखा है। देश में जितने भी बड़े-बड़े मंदिर है उन सभी मंदिरों में तथागत गौतम बुद्ध की मूर्ति लगी हुई है।

बहुजन मुक्ति पार्टी के राष्ट्रीय संगठन सचिव संजय मूल निवासी ने कहा कि ब्राह्मणों ने महाबोधि महाविहार टेंपल एक्ट 1949 बनाकर महाबोधि महाविहार पर ब्राह्मणों का नाजायज कब्जा कराया है।
भंते करूणा सागर ने कहा कि ब्राह्मणों ने अपने वैदिक धर्म ग्रंथो में मगध प्रांत को (जिसमें बोधगया स्थित है) अपवित्र कहा है और इतना ही नहीं पद्मपुराण में तो बुद्ध का चेहरा देखना ही पाप माना गया है और शंकराचार्य के अपने अनुयायियों को बौद्ध विहारों में जाने के लिए ही मना किया है फिर भी ब्राह्मणों ने महाबोधि महाविहार पर नाजायज कब्जा कर रखा हैं।
भंते धम्म सागर ने कहा कि महाबोधि महाविहार के विवाद पर 1895 में जस्टिस मेक जेफरसन जी ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा है कि महाबोधि महाविहार यह मूलतः बौद्ध का पवित्र स्थल है।
इसलिए राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय संगठन बुद्धिस्ट इंटरनेशनल नेटवर्क के माध्यम से मूल निवासी बहुजन समाज के बुद्धिजीवी वर्ग, छात्र ,महिलाएं एवं उपासक- उपासिकाएं तथा संमविचारी संस्था ,संगठन महाबोधि महाविहार को ब्राह्मणों से मुक्त कराने लिए 9 अप्रैल जेलभरो आंदोलन और एक जुलाई को भारत बंद किया जाएगा ।प्रेस विज्ञप्ति -रुड़की ( 8 मार्च 2025) भारत मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय वामन मेश्राम जी के नेतृत्व में बुद्धिस्ट इंटरनेशनल नेटवर्क के बैनर पर भारत के 31 राज्यों के 567 जिलों में महाबोधि महाविहार मुक्त करने के लिए देशव्यापी चरण बंद आंदोलन की कड़ी में बहुजन क्रांति मोर्चा, भारत मुक्ति मोर्चा, भारतीय बौद्ध महासभा, राष्ट्रीय क्रिश्चियन मोर्चा , राष्ट्रीय सिख मोर्चा,राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा ,राष्ट्रीय मूल निवासी महिला संघ आदि संगठनों के कार्यकर्ताओं ने रुड़की रविदास घाट पर प्रदर्शन किया।
बहुजन क्रांति मोर्चा के प्रदेश संयोजक भंवर सिंह ने प्रदर्शन कार्यों को संबोधित करते हुए कहा कि जब चर्च ,मंदिर ,मस्जिद,गुरुद्वारों आदि में कोई दूसरे धर्म का पुजारी पूजा पाठ आदि नहीं करा सकता तो फिर महाबोधि महाविहार पर विदेशी ब्राह्मण क्यों कब्जा किए बैठे हैं? इन्हीं ब्राह्मणों के वंशजों ने देश के बौद्ध भंतों का कतले आम कर 84 000 बौद्ध विहारों को नष्ट करके बड़े-बड़े बौद्ध विहारों पर जबरन कब्जा कर रखा है। देश में जितने भी बड़े-बड़े मंदिर है उन सभी मंदिरों में तथागत गौतम बुद्ध की मूर्ति लगी हुई है।
बहुजन मुक्ति पार्टी के राष्ट्रीय संगठन सचिव संजय मूल निवासी ने कहा कि ब्राह्मणों ने महाबोधि महाविहार टेंपल एक्ट 1949 बनाकर महाबोधि महाविहार पर ब्राह्मणों का नाजायज कब्जा कराया है।
भंते करूणा सागर ने कहा कि ब्राह्मणों ने अपने वैदिक धर्म ग्रंथो में मगध प्रांत को (जिसमें बोधगया स्थित है) अपवित्र कहा है और इतना ही नहीं पद्मपुराण में तो बुद्ध का चेहरा देखना ही पाप माना गया है और शंकराचार्य के अपने अनुयायियों को बौद्ध विहारों में जाने के लिए ही मना किया है फिर भी ब्राह्मणों ने महाबोधि महाविहार पर नाजायज कब्जा कर रखा हैं।
भंते धम्म सागर ने कहा कि महाबोधि महाविहार के विवाद पर 1895 में जस्टिस मेक जेफरसन जी ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा है कि महाबोधि महाविहार यह मूलतः बौद्ध का पवित्र स्थल है।
इसलिए राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय संगठन बुद्धिस्ट इंटरनेशनल नेटवर्क के माध्यम से मूल निवासी बहुजन समाज के बुद्धिजीवी वर्ग, छात्र ,महिलाएं एवं उपासक- उपासिकाएं तथा संमविचारी संस्था ,संगठन महाबोधि महाविहार को ब्राह्मणों से मुक्त कराने लिए 9 अप्रैल जेलभरो आंदोलन और एक जुलाई को भारत बंद किया जाएगा ।

जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी ।
प्रदर्शन करने वालों में भंवर सिंह, संजय मूल निवासी, राव फाजिल मरगूब,राव महताब, सरदार राजकुमार, अमरसिंह बौद्ध, सोमपाल सिंह, चन्द्रशेखर जाटव, पास्टर सुरेंद्र सिंह, श्याम सुंदर आदित्य, रमेश चंद, सुरेश कुमार, सीता राम अम्बेडकर, रामस्वरूप, विजय आनंद, हरीदास ,इन्द्र सिंह, इश्तकार , श्रीचन्द्र बौद्ध, प्रदीप कुमार,एंड .पुरषोतम, जनेश्वर, अर्जुनसिंह , अंकित कुमार, बबीता आदि शामिल थे
भंवर सिंह ( प्रदेश संयोजक) बहुजन क्रांति मोर्चा उत्तराखंड
जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी ।
प्रदर्शन करने वालों में भंवर सिंह, संजय मूल निवासी, राव फाजिल मरगूब,राव महताब, सरदार राजकुमार, अमरसिंह बौद्ध, सोमपाल सिंह, चन्द्रशेखर जाटव, पास्टर सुरेंद्र सिंह, श्याम सुंदर आदित्य, रमेश चंद, सुरेश कुमार, सीता राम अम्बेडकर, रामस्वरूप, विजय आनंद, हरीदास ,इन्द्र सिंह, इश्तकार , श्रीचन्द्र बौद्ध, प्रदीप कुमार,एंड .पुरषोतम, जनेश्वर, अर्जुनसिंह , अंकित कुमार, बबीता आदि शामिल थे
भंवर सिंह ( प्रदेश संयोजक) बहुजन क्रांति मोर्चा उत्तराखंड
