उत्तराखंड की आवाज़
देहरादून : बुद्ध पूर्णिमा पर रोशनी जन सेवा संस्था ने आमजन को मीठा शरबत वितरण कर देशवासियों को भगवान बुद्ध के दिखाएं मार्ग पर चलने का दिया संदेश।
गुरुवार बुद्ध पूर्णिमा के शुभ अवसर पर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति जनजाति विकास परिषद के राष्ट्रीय सचिव एवं रोशनी जानसेवा संस्था के संस्थापक गीताराम जायसवाल ने राजधानी देहरादून के रिस्पना पुल पर भीषणगर्मी में ठंडे मीठे शरबत का वितरण किया।
इस शुभ अवसर पर समाजसेवी गीताराम जायसवाल ने भगवान बुद्ध के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गौतम बुद्ध ने चार सूत्र दिए उन्हें ‘चार आर्य सत्य ‘के नाम से जाना जाता है। पहला दुःख है दूसरा दुःख का कारण तीसरा दुःख का निदान और चौथा मार्ग वह है जिससे दुःख का निवारण होता है। भगवान बुद्ध का अष्टांगिक मार्ग वह माध्यम है जो दुःख के निदान का मार्ग बताता है। उनका यह अष्टांगिक मार्ग ज्ञान,संकल्प,वचन,कर्म,आजीव,व्यायाम,स्मृति और समाधि के सन्दर्भ में सम्यकता से साक्षात्कार कराता है। समाजसेवी गीताराम जायसवाल ने आगे कहा कि गौतम बुद्ध ने मनुष्य के बहुत से दुखों का कारण उसके स्वयं का अज्ञान और मिथ्या दृष्टि बताया है।
जायसवाल ने समाज सेवा को इंसान का सबसे पहला धर्म बताते हुए कहा कि जनसेवा के कार्यों से मन को शांति प्रदान होती है उन्होंने कहा कि रोशनी जन सेवा संस्था 2015 से लगातार गरीब एवं जरूरत मन्द लोगो की सेवा करने के लिए तत्पर रहती है।

बुद्ध पूर्णिमा की अवसर पर शरबत वितरण कार्यक्रम में मुख्य रूप से जन सेवा संस्था के पदाधिकारीगण एवं राष्ट्रीय अनुसूचित जाति जनजाति विकास परिषद के प्रदेशाध्यक्ष प्रेम सिंह,समाज सेविका अनिता शर्मा, रोशनी जन सेवा संस्था की महासचिव ,संगीता सैनी, महासचिव, जयपाल सिंह, सचिव राकेश बर्मन मीडिया प्रभारी, सोनू सहगल, महानगर कांग्रेस के महासचिव अनिल शर्मा , रेखा दास, अशोक शर्मा , दीपा सेमवाल, सागर सिंह,अश्वनी कुमार ने अहम भूमिका निभाई।
