उत्तराखंड की आवाज़
आर एस एस की बोखलाहट चरम पर है
भारत मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष वामन मेश्राम ने कहा (विदेशी ब्राह्मणों भारत छोड़ो)
बहुजन समाज के सम्मानित भाई- बहनों,संविधान में मौलिक अधिकार होते हुए आजादी के 78 साल बाद आज भी विदेशी ब्राह्मण , मूल निवासी बहुजन समाज (एससी/ एसटी ,ओबीसी एवं धार्मिक अल्पसंख्यक ( सिख, बौद्ध ,जैन , ईसाई,मुसलमान, पारसी आदि को अपने घरों में प्रार्थना तक नहीं करने देते ,मंदिरों में प्रवेश नहीं करने देते हैं , मस्जिदों पर नमाज नहीं पढ़ने देते,शादी में दूल्हे को घोड़ी पर नहीं बैठने देते हैं ,कही पेशाब छिड़क रहे हैं तो कहीं मल -मूत्र खिला- पिला रहे हैं, कहीं ब्राह्मणवादी पुलिस धर्म परिवर्तन के झूठे मामले दर्ज कर रही है, कहीं सैकड़ो की संख्या में हथियारों से लैस मस्जिदों पर, चर्चो पर तोड़फोड़ कर उनके ऊपर भगवा झंडे लगाकर आतंक फैला कर खुल्लम खुल्ला संवैधानिक अपराध कर रहे हैं जहां पर पुलिस भी मोन दिखाई देती है, कहीं आदिवासियों की जमीनों को जबरन छीन कर गंभीर अपराध कर रहे हैं, कहीं महापुरुषों की मूर्तियों को तोड़कर ,उनके चित्र लगे बैनरों को फाड़कर महापुरुषों एवं बहुजन समाज का अपमान कर घोर अपराध कर रहे हैं।
इससे मूल निवासी बहुजन समाज एससी/ एसटी, ओबीसी एवं धार्मिक अल्पसंख्यकों में भारी आक्रोश है।
साथियों, एससी/ एसटी, ओबीसी के जो लोग जागरूक एससी/ एसटी ,ओबीसी के लोग फूले- साहू ,अंबेडकर, कांशीराम, रविदास, कबीर आदि से भी अधिक ज्ञान पेल रहे हैं कि धर्म परिवर्तन करके हिंदू धर्म को कमजोर कर रहे हैं सुनो, तुम्हारे से अच्छे कुत्ते, बिल्ली, सूअर, खरगोश, चूहा, सांप, गाय आदि जानवर है जिन्हें ये ब्राह्मण अपने घरों में शौक से रखते हैं परंतु हजारों साल से तुम्हारे पूर्वजों को और आज भी तुम्हें अछूत, नीचे, शूद्र आदि कहकर घोर अपमानित करते रहते हैं। सैकड़ो साल तक मुगल भारत में रहे और इन ब्राह्मणों ने एक बार भी उनका कभी जरा सा भी विरोध नहीं किया ,आज भी इन्होंने मुसलमान को अपनी बेटियां देकर उनसे संबंध बना रखे हैं और अंग्रेजों से आजादी दिलाने वाले सबसे बड़े हिंदू ,राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को गोली मारकर हत्या कर उसे गद्दार कह अपमानित किया है। भारत की सबसे बड़ी अदालत सर्वोच्च न्यायालय ने भी दिनांक 11 दिसंबर 1995 को हिंदू शब्द का प्रयोग सार्वजनिक तौर पर बैन किया गया है और ब्राह्मण दयानंद सरस्वती ने भी हिंदू शब्द को मुगलों की दी हुई गाली बताया है यह बात ब्राह्मण जानता है परंतु भारत का मूल निवासी एससी/एसटी ,ओबीसी और माइनॉरिटी ब्राह्मणों के द्वारा फैलाए गए झूठे भ्रम से भ्रमित है ब्राह्मण अपने आप को सनातनी कहता है और एससी /एसटी, ओबीसी को हिंदू।
साथियों, अगर इन ब्राह्मणों को ईसाइयों से नफरत थी और है, तो मूल निवासी एससी/ एसटी, ओबीसी के लोगो जरा सोचो,कि विदेशी ब्राह्मण अपने बच्चों को ईसाइयों के स्कूलों में क्यों पढाते हैं, ईसाइयों के देशों में अपने बच्चों को पढ़ने, नौकरी करने, वहां पर रहने, कारोबार करने के लिए क्यों भेजते हैं और भारत की दौलत को उन्हीं विदेशी मुगलों, अंग्रेजों की तरह लूट कर उन ईसाइयों के देशों में ही जमा क्यों कर रहे हैं उसी काले धन के नाम पर आपको लगातार भ्रमित कर ईवीएम से आपकी वोट लूट कर लोकतंत्र की हत्या कर भारत की सत्ता पर कब्जा कर आपका लगातार आर्थिक, मानसिक, क्षैक्षिक आदि उत्पीड़न कर रहे हैं।
इसलिए बामसेफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मूल निवासी महानायक माननीय वामन मेश्राम साहेब देश के मूल निवासी बहुजन समाज को लगातार जागरूक कर रहे हैं।
इसलिए जागो मूल निवासी जाओ
भंवर सिंह (प्रदेश संयोजक) बहुजन क्रांति मोर्चा उत्तराखंड, मो. न. 94 1039 5296
