उत्तराखंड की आवाज़
बड़ी खबर: उत्तराखंड भाजपा में मची भारी उथल-पुथल! पूर्व राज्य मंत्री भगत राम कोठारी का इस्तीफा, पार्टी पर लगाए गंभीर आरोप

देहरादून/गोपेश्वर: उत्तराखंड की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व राज्य मंत्री भगत राम कोठारी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस फैसले ने संगठन के भीतर हड़कंप मचा दिया है।
“काश! मेरा इस्तीफा पहले स्वीकार हो जाता…”
इस्तीफे के बाद कोठारी ने एक फेसबुक पोस्ट के जरिए अपना दर्द साझा किया (जिसे बाद में हटा दिया गया)। उन्होंने लिखा कि अगर उनका इस्तीफा 16 जनवरी को ही स्वीकार हो जाता, तो वह निर्दलीय मेयर प्रत्याशी को हजारों वोटों से जिताने में मदद कर सकते थे। उन्होंने इसे अपनी “बड़ी चूक” बताया है।
इस्तीफे के पीछे की 3 बड़ी वजहें:
1. पहाड़ों में ‘बाहरी’ बनाम ‘स्थानीय’ का मुद्दा:
पूर्व राज्य मंत्री ने नाराजगी जताई कि पहाड़ी क्षेत्रों में मेयर पद के लिए गैर-स्थानीय लोगों को तरजीह दी जा रही है। उन्होंने इसे पहाड़ी समुदाय की भावनाओं के खिलाफ और उनके प्रतिनिधित्व को कमजोर करने वाला कदम बताया।
2. वर्षों की सेवा और उपेक्षा:
1997 से पार्टी को सींचने वाले कोठारी ने कहा कि 2017 में टिकट देकर वापस लेना और पार्टी की नीतियों में आती विसंगतियों ने उन्हें आहत किया। उन्होंने दीप शर्मा जैसे भ्रष्टाचार के मामलों को भी उजागर करने की बात कही।
📉 क्या है भविष्य की रणनीति?
भले ही भाजपा हाईकमान के दबाव के बाद उन्होंने अपनी फेसबुक पोस्ट डिलीट कर दी हो, लेकिन उनके तेवर साफ हैं। कोठारी ने संकेत दिया है कि अब वे स्वतंत्र रूप से महिला सुरक्षा, स्थानीय सशक्तिकरण और क्षेत्रीय विकास जैसे मुद्दों पर जनता के बीच रहेंगे।
सियासी गलियारों में चर्चा तेज है: क्या कोठारी का जाना भाजपा के लिए पहाड़ी क्षेत्रों में बड़ा नुकसान साबित होगा?
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