उत्तराखंड कि आवाज
देहरादून : संसद भवन परिसर में सांसदो के बीच हुई हाथापाई की जांच मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच 23 दिसंबर को राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती 2 सांसदों के बयान दर्ज कर सकती है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बीते शुक्रवार को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को यह मामला मिला और डीसीपी के नेतृत्व में एक टीम को मामले की गहनता से जांच करने की जिम्मेदारी दी गई, ताकि संसद में घटे प्रकरण की सतयता सामने आ सके।
सूत्रों के मुताबिक क्राइम ब्रांच की टीम रविवार को दोनों सांसदों की चिकित्सा स्थिति की ताजा जानकारी का इंतजार करेगी और सोमवार को उनके बयान दर्ज करने के लिए अस्पाताल जा सकती है इसके अलावा घटना की सीसीटीवी फुटेज हासिल करने के लिए संसद सचिवालय से भी संपर्क करेगी।
धक्का-मुक्की की घटना का विवरण
यह मामला संसद सत्र के दौरान का है जब भाजपा और कांग्रेस सांसदों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। इस दौरान भाजपा सांसद प्रताप सारंगी और मुकेश राजपूत को चोटें आईं। भाजपा का आरोप है कि राहुल गांधी ने इस धक्का-मुक्की में हिस्सा लिया।
घटना के बाद भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज कर ली। भाजपा नेताओं का कहना है कि कांग्रेस पार्टी इस प्रकार की हिंसा को बढ़ावा दे रही है। वहीं, कांग्रेस का दावा है कि यह आरोप निराधार हैं और भाजपा जानबूझकर राहुल गांधी को निशाना बना रही है।
कांग्रेस का रुख और प्रतिक्रिया
कांग्रेस ने इस FIR के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है और इसे “लोकतंत्र की हत्या” करार दिया है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बयान जारी कर कहा कि भाजपा सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए इस प्रकार की कार्रवाइयों का सहारा ले रही है। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी को डराने और बदनाम करने की साजिश रची जा रही है।
वही कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “हम लोकतंत्र के लिए लड़ रहे हैं, और इस तरह की FIR से हमें डराया नहीं जा सकता। पूरे देश में हमारे कार्यकर्ता आज सड़कों पर उतरकर भाजपा की तानाशाही नीतियों के खिलाफ आवाज उठाएंगे।”
