उत्तराखंड की आवाज
हर्षोल्लास के साथ मनाया गया भाई—बहन के अटूट रिश्ते का पर्व रक्षाबन्ध
देहरादून। हर्षोल्लास के साथ भाई—बहन के अटूट रिश्ते का त्यौहार रक्षा बंधन का त्योहार मनाया गया। इस दौरान लोगों ने पतंगों पर भी अपने हाथ आजमाइश किये।

आज प्रातः से ही घरों में भाई—बहन के अटूट प्रेम का त्यौहार की रौनक दिखायी दे रही थी। एक दिन पहले से ही इस त्यौहार की रौनक बाजारों में दिखायी देने लगी थी। जहां एक ओर बहनें अपने भाईयों के लिए तरह—तरह की राखियां खरीद रही थी और मिठाईयों की दुकानों पर रौनक थी। सुबह से ही लोग रक्षा बन्धन के त्यौहार की तैयारियों में लग गये थे। बहने अपने भाई के लिए नये—नये पकवान बनाने की तैयारी में लग जाती है। क्योंकि वर्षो से यह मान्यता रही है कि रक्षाबंधन से पूर्व न ही भाई और न ही बहनें अपने भाई को राखी बांधन से पहले मुंह को झूठा (कुछ खाते नही है) नही करते हैं। भाई के घर पहुंचने पर बहनों ने पूजा की थाली तैयार की और अपने भाई की लम्बी उम्र की कामना करते हुए भाई को तिलक लगाकर उसके हाथ में राखी बांधी तो वहीं भाईयों ने बहन को उसकी रक्षा का वचन दिया। दोपहर तक भाईयों का बहन के घर जाने व बहनों का अपने भाईयों के यहां आने का सिलसिला जारी रहा। वहीं रक्षा बंधन के बाद लोग अपनी— अपनी छतो ंपर पतंगे उडाने के लिए एकत्रित होने लगे। इस दौरान आसमान पर पतंगे ऐसे छा गयी थी जैसे आसमान पर रंग बिरंगे सितारे दिखायी दे रहे हों

