वनाग्नि से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम करें ,पूर्व विधायक राजकुमार
उत्तराखंड की आवाज़ देहरादून ,
देहरादून। पूर्व विधायक राजकुमार ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को वनाग्नि की समस्या के समाधान की मांग को लेकर ज्ञापन प्रेषित किया है और वनाग्नि से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम करने की सरकार से मांग की है।
इस अवसर पर पूर्व विधायक राजकुमार ने ज्ञापन में कहा है कि उत्तराखण्ड प्रदेश धर्माटन एवं साहसिक पर्यटन का मुख्य केंद्र है और वन संपदा में संपूर्ण राज्य है परंतु प्रत्येक वर्ष वनों के संरक्षण के लिए पर्याप्त कार्य नहीं किए जा रहे। उन्होंने कहा कि वनाग्नि की समस्या समय के साथ साथ विकराल रूप धारण किए जा रही है जिससे पहले वन संपदा और वन्यजीव आहत होते रहे हैं और इसके साथ ही साथ अब मानव जीवन भी वनाग्नि की लपटों से जूझने लगा है। उन्होंने कहा कि वनाग्नि से हुई क्षति के आँकड़े इतने बड़े हैं कि उन्हें किसी मापदंड से नापने पर भी नुकसान का अनुमान न लगाया जा सकेगा। उन्होंने मुआवजा राशि को बढ़ाये जाने के साथ ही परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिये जाने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि बीते कई वर्षों से बहुत से लोगो को वनाग्नि के कारण अपनी जान से हाथ धोना पड़ा जो की अत्यंत दुख एवं चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को जल्द ही वनाग्नि से निपटने के लिए कठोर नियम कानून लाने की आवश्यकता है साथ ही पुख्ता इंतजाम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बीते दिनों बिनसर क्षेत्र में हुई घटना में मृतकों की मुआवजा राशि में भी बढ़ोत्तरी के साथ साथ परिवार को नौकरी पेश की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य के लिए केंद्र से सहयोग मिलना चाहिए जिससे हवाई सर्वेक्षण के द्वारा राहत बचाव एवं जल छिड़काव का कार्य भी तेजी से हो पाये। उन्होंने कहा कि बेहतर एवं आधुनिक तकनीक के उपकरणों द्वारा समस्या से निपटने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में वनाग्नि का यह रूप देख पर्यटकों के मन मस्तिष्क पर भी उत्तराखण्ड की छवि को नुकसान पहुँच रहा है साथ ही प्रदेश के लोगांे को अनेकों समस्याओं से होकर गुजरना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि वनाग्नि के कारण रिहायशी इलाकों में जंगली जानवरों की आमाद बढ़ने लगी है जिससे खतरा और बढ़ जाता है।
उन्होंने कहा कि वनाग्नि के कारण पहाड़ों में जल संकट उभरने लगा है और तापमान में अत्यधिक बढ़ोत्तरी होने लगी है साथ ही प्रदेश की हवा भी अत्यंत दूषित पायी जाने लगी है जिससे बड़े पैमाने पर श्वास संबंधी रोग फैलने का भय है। उन्होंने कहा कि इसलिए यह आवश्यक है कि राज्य सरकार तुरंत ही वनाग्नि से निपटने के लिए पुख्ता कदम उठाये जिससे यह समस्या और अधिक नुकसान न कर पाए। उन्होंने कहा कि सरकार को इस ओर त्वरित गति से कार्य करने की जरूरत है जिससे जन धन हानि न हो सके और बेहतर उपकरण प्रदान किये जाने की वनकर्मियों को आवश्यकता है।