प्रमुख उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने ईरान द्वारा दागी गई 300 बैलिस्टिक मिसाइलों को बीच में ही रोकने वाली इजरायल की एयर डिफेंस सिस्टम की सराहना की है। उनका मानना है कि भारत को भी ऐसी ही एंटी मिसाइल प्रणाली विकसित करनी चाहिए। बता दें इस दौरान ईरान और इजरायल के बीच जंग छिड़ी है। इजरायल अपने रक्षा उपकरणों की लिए काफी मशहूर है। इस देश के पास कई अत्याधुनिक तंत्र है जो दुश्नन देश के हमलों को हवा में ही तबाह कर सकता है।
इजरायल के पास आयरन डोम प्रणाली के अलावा एक और लंबी दूरी की एंटी-मिसाइल प्रणाली, डेविड स्लिंग भी है। उनके पास एरो 2 और एरो 3 एंटी मिसाइल सिस्टम भी हैं। इजरायल के मौजूदा हालात के लिए लेजर आधारित मिसाइल रोधी प्रणाली जैसे एयर डिफेंस सिस्टम बेहद अहम हैं। इजरायल के इस डिफेंस सिस्टम के मुरीद आनंद महिंद्रा ने सुझाव दिया कि भारत को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से इजराइल जैसी रक्षा प्रणालियों में भी निवेश करना चाहिए।
हमेशा की तरह आनंद महिंद्रा की पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स ने बड़े पैमाने पर प्रतिक्रिया दी। इस पोस्ट को 2.5 मिलियन व्यूज मिल चुके हैं। आनंद महिंद्रा के ट्वीट पर एक यूजर ने प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “वाकई अब समय आ गया है जब इंडिया को डिफेंस में और इंवेस्ट करना चाहिए।” एक यूजर ने लिखा, “इजरायल के पास अमेरिका, फ्रांस, यूके और दूसरे देशों का सहयोग भी मौजूद है, जो ईरान के हमलों को फेल कर रहे हैं।” एक अन्य यूजर ने आनंद महिंद्रा के ट्वीट के साथ सहमति जताते हुए लिखा, “वाकई हमें ऐसे मजबूत सिस्टम की जरूरत है।”
दोनों देशों के बीच हालिया घटनाक्रम पर नजर डालें तो इजरायल के सेना प्रमुख ने कहा कि उनका देश पिछले हफ्ते हुए ईरान के हमले का जवाब देगा। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि इजरायल ऐसा कब और कैसे करेगा। इजरायल ने दो सप्ताह पहले सीरिया की राजधानी दमिश्क में ईरान के वाणिज्य दूतावास की इमारत पर कथित तौर पर हमला किया था, जिसके जवाब में ईरान ने शनिवार को इजरायल पर हमला किया। दोनों देशों के बीच दशकों से जारी दुश्मनी के बीच ईरान ने पहली बार इजरायल पर सीधे तौर पर सैन्य हमला किया। ईरान ने इजरायल पर हमले के दौरान सैंकड़ों ड्रोन, बैलिस्टिक मिसाइल और क्रूज मिसाइल दागीं। इजरायली सेना ने कहा कि उसने अपनी वायु रक्षा प्रणाली व लड़ाकू विमानों और अमेरिका नीत गठबंधन सहयोगियों की मदद से 99 प्रतिशत ड्रोन और मिसाइलों को नाकाम कर दिया।
